मन को शांत रखने के 20 तरीके
मन का विश्राम
वर्तमान दौर नितांत थकाने
वाला है क्योंकि जीवन सिर्फ और सिर्फ दौड़ बनकर रह गया है. सभी कहीं न कहीं पहुंचना
चाहते है मगर कहा पहुचना है ये किसी को नहीं पता कारण है कि प्रत्येक इन्सान का लक्ष्य
निरंतर परिवर्तनशील होता है. इसमें किसी का दोष नहीं है ये तो मानव जीवन की
प्रवृत्ति है.
इस आपाधापी और पालकों के
ज्यादा उम्मीदों के बोझ का सामना किशोर वर्ग को ज्यादा उठाना पड़ता है . अपने जीवन
और सपनों के बीच पालकों के सपनों को जीने की जिम्मेदारी भी इस आयु के कमोबेश हर एक
बच्चे पर होता है. इस अदृश्य लड़ाई में हमारी आने वाली पीढ़ी इतनी दब जाती है के कब
वो उम्र से पहले परिपक्व हो जाते हैं पता ही नहीं चलता. इस थकाने वाली प्रक्रिया
में खुद को साबित करने और दौड़ में बनाये रखने के लिए सबसे अहम् है आपका स्वस्थ
होना. इसके लिए बेशक आप आराम करते हैं, मज़े करते हैं, पार्टियों का हिस्सा भी बनते
हैं मगर क्या इन सब क्रियाओं से आपके मन को शांति मिलती है ?
तन और मन की शान्ति बहुत
ज्यादा अलग हैं, इसे ऐसे समझें की आपको कोई काम करना है और वह अभी तक अधुरा है तो
फिर आप सोते समय भी इस उधेड़बुन में रहेगे की इस काम को कैसे जल्दी से जल्दी पूरा
किया जाये . बेशक आपका शरीर आराम कर रहा है मगर आपके मन को अभी भी आराम की
आवश्यकता है. ऐसा अक्सर सभी के साथ होता है और ऐसा होना हमारे हाथ में भी नहीं
होता क्योंकि हम सभी आपस में जुड़े हैं और एक दुसरे के कर्तव्यों और कार्यो से सीधे
ही प्रभावित होते हैं. और इस रास्ते आपको चाहे अनचाहे दिमागी कसरत से खुद के कारण
या जाने अनजाने लोगों के कारण दो चार होना ही पड़ता है.
इन सभी विषम परिस्थितिओं के
कारण ही कहा जाता है की हमारा तन तो आराम करता है मगर मन को आराम नहीं मिल पाता या
मिलता भी है तो बहुत सीमित. इसलिए ही हमारे बुजुर्ग कहते हैं की आदमी को नींद
अच्छी लेनी चाहिए मगर यह भी संभव नहीं होता क्योंकि बिस्तर तक जाना हमारे हाथ होता
है और नींद आना या ना आना बड़े से बड़े सुरमा के हाथ में भी नहीं होता.
फिर मन को कैसे विश्राम
दिया जाये ? ये गहन चिंता का विषय हो सकता है , आप भी विचार करके देखिये.
मेरे कुछ सुझाव और अपनी समझ
इस विषय पर कुछ साधारण सी बनी है आप भी प्रकाश डाल सकते हैं की मैं कहा तक सही हु
और क्या सुझाव आप अलग से दे सकते हैं –
मन को शांत रखने के 20 तरीके (man ko shant rakhne ke 20 tarike)
1. जिस काम से सीधा सीधा
हमारा अहित न जुड़ा हो तो कोशिश करें की ऐसे चीजों से दूर रहे बशर्ते की उस समस्या
या घटना से दूर रहने के लिए हमारी अंतरात्मा को कोई ऐतराज़ न हो
2. बिना कोई कारण और
आवश्यकता के दूसरों के काम में टांग न अड़ाएं तो बहुत बेहतर होगा
3. स्वयं को हमेशा श्रेष्ठ
समझने और साबित करने से बचें
4. बिना मांगे सलाह और
समझाईस ना दे और ना ही लें
5. आप जैसे हैं और जिस
स्थिति में हैं उसको स्वीकार करें और वैसा ही व्यवहार करें
6. मन को प्रसन्न रखने का
कोई भी मौका ना छोड़ें
7. घर के या आसपास के
बुजुर्गों से ज़रूर बात करें और उनके नज़रिए को समझें बेशक वो जीवन के मामले में
आपसे ज्यादा तजुर्बेकार हैं
8. बच्चों के साथ भी ज़रूर
समय बिताएं इससे आत्मिक संतुष्टि मिलती है
10. जीवन साथी को भी ज़रूर
कुछ पल के लिए दुनियादारी को भुलाकर समय दें जिसमे भावनात्मक और प्रेमपूर्ण बातें
करें
11. यदि पुस्तकों का शौक हो
तो ऐसी पुस्तकें पढ़ें जो आपको थोड़े समय के लिए ही सही पर इस दुनिया से दूर ले जाये
और आप शांति की अनुभूति कर सकें
12. गाने सुनें और
गुनगुनाएं. गाने ऐसे हों जो शांति दे न की बहुत शोर शराबे और तड़क भड़क वाले हों
13. सुबह और शाम कम से कम 5-5
मिनट के लिए आँखें बंद करके शांत चित्त से बैठें और अपने आप को अपनी समस्याओं से
थोड़े समय के लिए अलग कर लेवें.
14. हर दिन के लिए अपनी
क्षमताओं के अनुरूप कार्य करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करें और उतना ही करें
जितना आपका अपना सामर्थ्य है
15. अपने रूचि के काम करें
या जो काम आप करते हैं उसमे रूचि जगाएं नहीं तो जो भी काम आप कर रहे हो वो आपको
सिर्फ बोझ ही लगेगा
16. ज्यादा से ज्यादा मित्र
बनाएं और समय समय पर उनसे मिलते रहें या बातें करते रहें
17. अपनी समस्याओं, उलझनों
और मन की स्थिति को साझा करते रहें. इस प्रकार मन को हल्का रखें
18. कभी भी मन विचलित होने
पर या बुरे ख्याल आने पर मन को शांत करने के उपाय करें या किसी से बात करें
19. हर एक करीबी व्यक्ति को
सब बात बताने की आवश्यकता नहीं है मगर हर एक बात अलग अलग से शेयर ज़रूर करें जैसे
किसी से अपने काम की बातें साझा करें तो किसी और से भावनात्मक बाते साझा करें तो
किसी अन्य से पारिवारिक चीज़े साझा कर सकते है ताकि जब आपको सहयोग की आवश्यकता हो
तो आपके पास ज्यादा विकल्प मौजूद हों
20. स्वस्थ तन में स्वस्थ
मन का वाश होता है इसलिए शरीर को स्वस्थ रखने का भरपूर प्रयास करें और पर्याप्त
मात्रा में पानी ज़रूर पियें.
उपरोक्त तरीकों से हम मन को
विश्राम दे सकते है और ज्यादा थकने से बचा सकते हैं. वर्तमान में मन शांत करने का
सबसे बढ़िया विकल्प है मैडिटेशन जो की हर आयु वर्ग और प्रत्येक व्यक्ति के लिए
अत्यंत लाभकारी तरीका है और बहुत ही किफायती भी है. इसके द्वारा हम स्वयं को
अध्यात्म की ओर ले जाने में सफल हो सकते हैं और स्वयं को पहचानने में खुद की सहायता
कर सकते हैं.
दोस्तों आज के लिए बस इतना
आगे और अन्य बिन्दुओं पर चर्चा करेंगे....आज का यह विषय और इस पर मेरी राय कैसी
लगी कमेंट करके ज़रूर बताइयेगा. धन्यवाद .... सबका शुभ हो
(मन को शांत रखने के 20 तरीके man ko shant rakhne ke 20 tarike)
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