Thursday, November 17, 2022

क्या मेहनत करना काफी है ? Is Hard work enough to achieve anything?

 क्या मेहनत करना काफी है ? 

(Is Hard work enough to achieve anything?)



वैसे तो सभी प्रकार का कार्य पूजनीय है और पूरी दुनिया के लोग अलग अलग काम करने में ही लगे रहते हैं। कमोबेश सभी अपने स्वार्थ साधन हेतु किसी न किसी कार्य में लगे होते हैं और ज्यादातर लोग अपने और अपने परिवार के लिए न्यूनतम आवश्यकता की पूर्ति के लिए प्रयासरत होते हैं मगर एक नज़र ऐसे कामगरों पर डालते हैं जिनको ऐसे हाड़ तोड़ काम के बावजूद न्यूनतम आवश्यकता की पूर्ति के लिए बहुत ज्यादा मुश्किलें आती हैं और कभी कभी तो भूखा तक रहना पड़ जाता है। अपने आसपास के किसी दिहाड़ी मजदूर, रिक्शावाले, हमाली आदि के मेहनत से आप सभी परिचित हैं और आप सभी ने मेहनत को लेकर बहुत सी बाते सुनी होंगी आप लोगों ने मेहनत करीब से देखा भी है। 

मगर इन सबके अलावा आप सबको पता ही है के मेहनत से ही वांछित सफलता हासिल नहीं होती इसके लिए हमको अलग और हटकर सोचना होता है। यदि हम केवल मेहनत पर अपना पूरा ध्यान देंगे तो हमारे सपने पुरे होने में बहुत ज्यादा समय लगेगा या फिर सपने अधूरे ही रह जायेंगे। 

जैसे के पुराने समय से कहा जाता रहा है की "मेहनत का फल मीठा होता है" तो क्या वाकई में यह कथन वास्तव में सत्य है, क्या मेहनत करना काफी है ? Is Hard work enough to achieve anything? या अब इस मेहनत के साथ चतुर रुपरेखा (smart planning) और अतिरिक्त प्रयास (extra effort) भी आवश्यक है ? जरा सोचिये।

निश्चित तौर पर जिस तरह से दुनिया फरार्टे से दौड़ रही है, सब ओर प्रतिस्पर्धा (competition) का माहौल बना हुआ है इसके लिए हमको नए दौर के अनुरूप स्वयं को ढाल कर मनचाही सफलता हासिल करनी चाहिए अन्यथा हम जरूरतों के पूर्ति में हमेशा हीन भावना के शिकार होते रहेंगे। 

यदि हम अपने शत प्रतिशत प्रयासों से भी उचित स्थान और सफलता हासिल नहीं कर पा रहें हैं तो हमें अपने तरीकों और कार्यशैली पर विचार करने की आवश्यकता है।  यदि हम चाहतें है की कार्यक्षेत्र में सही मुकाम, सम्मान के साथ उचित मानदेय भी मिले तो हमें अपने जरूरतों के सूची (list) के साथ अपनी योग्यताओं और दक्षताओं की भी सूची (list) बनानी चाहिए की हम क्या कर सकतें हैं ? और हम क्या कर रहें हैं? इसके साथ हमें यह भी रुपरेखा निर्धारित करनी चाहिए की हमें क्या करना चाहिए ? जिससे की अपनी मंजिल तक पहुंच सकें। 

व्यक्ति चाहे व्यापार कर रहा हो, नौकरी कर रहा हो अथवा परीक्षा की तैयारी भी कर रहा हो तो अपने स्तर पर स्वयं का आकलन कर रुपरेखा का निर्धारण करना चाहिए और planning के दौरान इस बात को अपने दिमाग में ज़रूर रखिये की आपकी अपनी क्षमताओं को आपसे बेहतर कोई नहीं जान सकता, इससे आपको सही सही स्थिति नियंत्रण और योजना निर्माण में आदर्श सहयोग होगा। 

इस प्रकार से योजना बना कर काम करने से संभवतः आपको कम मेहनत में भी उचित सफलता मिल सकती है और हो सकता है की आप अपने स्तर के अन्य साथियों से हर कदम पर आगे निकल सकें।  इसके अलावा आपको स्वयं की वास्तविक स्थिति की जानकारी भी होगी और इससे आपको नकारात्मक अथवा सकारात्मक पहलुओं को सोचने का मौका भी मिलेगा और कमियों को दूर करके अथवा अच्छाइयों को और मजबूत बना कर आप स्वयं के साथ परिवार के भी मान में वृद्धि करेंगे। 

इस प्रकार हम मेहनत के साथ यदि रुपरेखा, योजना और सीखने की प्रवृत्ति के साथ काम करें तो हमें सफलता निश्चित मिलेगी।  अब आप पुनः सोचें की क्या मेहनत करना काफी है ? Is Hard work enough to achieve anything? अब आपकी राय क्या है ज़रूर बताइयेगा।
क्या मेहनत करना काफी है ? Is Hard work enough to achieve anything?