Monday, January 24, 2022

आपकी हकीकत आपको पता है - You Know Your Reality

 आपकी हकीकत आपको पता है 

(You Know Your Reality)

साथियों नमस्कार 

शीर्षक से आपको लगा होगा की ये साधारण सा वाक्य है मगर ऐसा नहीं है ये वाक्य अपने में एक विस्तृत अर्थ समेटे हुए है। अब आप कहेंगे की क्या विस्तृत है इसमें ये तो सीधा सीधा सा अर्थ बतला रहा है की - भाई जो मैं हूँ वो तो मैं ही जानता हूँ कोई और क्या जानेगा। 

एक चौकीदार गेट पर खड़ा हो कर साहब लोगों को देखता है और सोचता है की इन लोगों का जीवन कितना अच्छा है जो मस्त ठाठ बाट से रहते हैं और अपने  मज़े से जी रहें हैं। उसी समय वहीं साहब जिसके बारे में चौकीदार सोच रहा है, वह भी चौकीदार को देखता और सोचता है की  इनका जीवन कितना अच्छा है ना तो इनको बॉस की फटकार और बेइज़्ज़ती झेलनी  न ही किसी प्रतियोगिता, स्पर्धा का डर बस मज़े से अपना ड्यूटी करना है और महीने में तनख्वाह लेना है ना किसी की चिक चिक ना झिक झिक।

ऐसा वाकया या उदाहरण आपको हर कहीं मिल जायेगा क्योंकि ऐसा होना एकदम आम बात है। सभी अपनी परिस्थिति और ज़रूरतों  मुताबिक सही सोच रहे होते हैं मगर यहीं तो मेरा वाक्य आकर पूछता  है की जब आपको आपकी हकीकत पता है,  और यह भी पता है की जिस स्थिति में आप अभी हो वहां क्यों हो ये आपसे बेहतर कौन जान सकता है फिर दूसरे से तुलना क्यों ?

हम वास्तविकता को दरकिनार करते हुए हमेशा दूसरों से खुद की तुलना करने लग जाते हैं ये सही बात नहीं और ऐसा करके स्वयं को छोटा महसूस कराते हैं कि मेरे पास ये नहीं है वो नहीं है या फिर दूसरों से तुलना कर खुद को घमण्ड से भर लेते हैं की हमारे पास फलां व्यक्ति से ज्यादा समृद्धि या पॉवर या पैसा है। 

आप स्वयं को जानिये और संतुष्ट रहिये बल्कि खुद के हैसियत की तुलना स्वयं के सामर्थ्य से कीजिये की क्या आपने वह सब हासिल किया जो आपको करना चाहिए था या आप किसके लायक थे ? संभवतः इस प्रश्न के 3 उत्तर हो सकते हैं -

1.  यदि इसका उत्तर आता है की मैंने अपने योग्यता से अधिक पा लिया है तो कभी घमण्ड मत कीजिये और उस अदृश्य शक्ति के प्रति श्रद्धा प्रकट कीजिये जिनके कारण यह सब संभव हो सका।  इसके साथ ही अपने से ज्यादा वंचित समुदाय का यथा योग्य सहायता कीजिये।  इससे आपको आत्मीय शांति मिलेगी और जीवन बड़े संतुष्टि से कटेगा और तब यह मतलब ज्यादा यथार्थ होगा की - "आपकी हकीकत आपको पता है "

2. यदि इसका उत्तर आता है की मुझे मेरे अनुरूप प्रत्येक चीज़ मिल चुकी है तो बहुत अच्छी बात है आप अपने मन में अब संतुष्टि का भाव रखे और उस शक्ति के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करें जिसने आपको इस लायक बनाया है। इन सबके पश्चात अपने लिए अब नए लक्ष्य निर्धारित करें और नए तरीके से उसे पूरा करने के लिए कमर कस कर लग जाइये। 

3. यदि इसका उत्तर आता है की मुझे कुछ भी वैसा नहीं मिला जैसा मुझे मिलना चाहिए या मेरा जैसा सामर्थ्य और योग्यता है उस हिसाब से मैंने कुछ भी हासिल नहीं किया है तो तुरंत नींद से जागिये खुद को पहचानिये और हाथ धोकर पीछे पड़ जाइये की आपको क्या हासिल करना है। खुद से खुद की तुलना कीजिये और कितना क्या कम पड़ रहा है उसे पूरा करने के लिए जी तोड़ मेहनत कीजिये। फिर इस वाक्य को चरितार्थ कीजिये कि - "आपकी हकीकत आपको पता है "

आशा है कि जो सोच मैंने आपके सामने रखा है वो आपको भी सत्य लगे। लेकिन इसमें सुधार की कोई आवश्यकता लगे तो ज़रूर मार्गदर्शन करें।  धन्यवाद 

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